लोकशाही के दौरान राजा का बनवाया बांध
बचपन में किसी किताब में पढ़ा था कि भारत की आजादी के बाद प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का सबसे ज्यादा जोर नदियों पर बांध बनाने पर था वो इनको आधुनिक भारत का मंदिर कहते थे। भारत में बाढ़ और सूखे की समस्या पहले भी थी और आज भी है। आजादी के बाद बड़े बड़े बांध ही इस समस्या से निपटने के उपाय माने गये। जनता द्धारा चुनी हुई सरकार का जनता के लिये काम करना सामान्य है पर अंग्रेजों से आजादी के बाद भी एक राजा ऐसा था जिसने अपनी प्रजा के लिये पचास के दशक में दो करोड़ से भी अधिक खर्च कर मरुस्थल से निकल कर एक विशाल बांध का निर्माण कराया। मारवाड़ (जोधपुर) के राजा उम्मेद सिंह ने जोधपुर शहर की पानी की समस्या समाप्त करने के उद्देश्य से नजदीकी पाली जिले के सुमेरपुर तहसील में जवाई नदी पर एक बांध का निर्माण कराया जिसे लोग जवाई बांध के नाम से जानते हैं। पाली जिले में मेरा जाना मई के महीने में हुआ था तो आदतन आसपास घूमने की जगह गूगल चाचा के माध्यम से देखने पर जवाई बांध का भी जिक्र आया जो जिला मुख्यालय से लगभग नब्बे किमी दूरी पर था फिर शाखा प्रबंधक ने गर्मी का हवाला देते हुए और...